भये प्रकट कृपाला दीन दयाला, कौशल्या हितकारी,जग निवास प्रभु प्रगटे अखिल लोक विश्राम
रिपोर्ट सुरेश उपमन्यु
बरसाना। मर्यादपुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जन्म से अयोध्यापुरी खुशी से भर उठी। पूरे एक मास तक समूची अवधपुरी उत्सव में डूबी रही। माताजी गोशाला में चल रही रामकथा के दौरान प्रभु श्रीराम के जन्म की कथा सुनाते हुए कथा प्रवक्ता मोरारी बापू ने यह प्रसंग सुनाया।
बरसाना की माताजी गोशाला में आयोजित नौ दिवसीय मानस गौ सूक्त आधारित श्रीरामकथा के सातवें दिन की कथा सुनाते हुए प्रख्यात श्रीरामकथा प्रवक्ता मोरारी बापू प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का वर्णन किया। इस अवसर पर उपस्थित जन समूह पुलकित हो उठा।
श्रद्धालुओं ने एक दूसरे को अपने आराध्य के जन्म की बधाई दी। श्रोता भाव विभोर हो अपनी सुध भूल कथा पंडाल में थिरकने लगे। श्रीराम जन्म से पूर्व बापू ने माता पार्वती द्वारा भगवान शिव से राम कथा सुनाने का आग्रह करना, शिवजी द्वारा रामकथा सुनाना, राजा दशरथ का पुत्रकामेष्ठि यज्ञ आदि प्रसंगों का वर्णन किया।
इससे पूर्व अथर्ववेद में गौ सूक्त को समझाते हुए बापू ने कहा कि गौमाता हमारे आंगन में कल्याण की स्थापना करती है, हमारे गोष्ठ में गौमाता के रंभाने की ध्वनि हो ऐसी ऋषियों ने प्रार्थना की है। साथ ही गौवंश बड़े और ऊषाकाल में गौ दुग्ध मिले ऐसी प्रार्थना की गई है। बापू ने आगे कहा कि माता के पांच स्वरूप हैं गौरी, गीता, गायत्री, गंगा और गौ। माता के इन पंच स्वरूपों की कृपा से हमारा धन लक्ष्मी बन जाता है, हमारी पूजा सेवा हो जाती है, हमारा शरीर भोगी से योगी हो जाता है, लोक की यात्रा सफल हो जाती है, हमारा धर्म शक्तिवान हो जाता है जिस पर आसुरी प्रभाव नहीं पड़ता, स्वर्ग जमीन पर आ जाता है। ऋषियों का तप सफल होता है और पूर्वजों का कल्याण हो जाता है।
सातवें दिन की कथा में बनारस के जगद्गुरु सतुआ महाराज, चंपारण्य वल्लभ पीठ से द्वारकेश लाल, आरएसएस के पूर्व सर कार्यवाह एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश जोशी जी (भैय्या जी जोशी), अखिल भारतीय गौ सेवा संयोजक अजीत महापात्रा, अखिल भारतीय सह गौ सेवा संयोजक नवल जी, क्षेत्र सह संपर्क प्रमुख डॉक्टर हरीश जी,
क्षेत्र गौ सेवा संयोजक हरिशंकर जी, ब्रज प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र जी, विभाग प्रचारक पारस जी,
भैया जी जोशी के सहयोगी अविनाश जी, विभाग सह संपर्क प्रमुख अजय जी, विभाग मठ मंदिर प्रमुख मुरारी लाल जी, तिजारा के विधायक संत बालकनाथ, मान मंदिर सेवा संस्थान के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह ब्रजदास, माताजी गौशाला के संयोजक राजबाबा, नरसिंह दास बाबा, रामकथा के आयोजक हरेश एन संघवी, समाजसेवी वीना हरेश संघवी, निकुंज संघवी, नीलिमा संघवी, अवनी संघवी, हिमांशु आदि उपस्थित रहे।

अलवर तिजारा के विधायक बालकनाथ,मुरारी बापूसे आशीर्वाद लेते हुए

More Stories
Book of Bet Casino Mobile Experience: Quick Sessions and Instant Decisions
Die besten umsatzfreien Aktionen im Royal Planet Casino
De quelle manière Big Lucky Casino se différencie de la concurrence