रिपोर्ट- LIC वाले हीरालाल नरेश ठाकुर के साथ….
बरसाना, अष्ट लीला यानि बुढी लीलाओं के दर्शन श्रीराधाष्टमी से पहले श्रीराधारानी की प्रधानसखी ललिता सखी के जन्मोत्सव से शुरू होती है। ब्रज के बरसाना में श्रीराधारानी के जन्मोत्सव से दो पहले ही बडी संख्या में श्रृद्धालुओं का आना शुरु हो जाता है। ऊँचागाँव से ब्रजाचार्यपीठ के सानिध्य में शुक्लपक्ष की छठ को ललिता सखी का प्रकटोत्स मनाया जाता है। उसके अगले ही दिन बरसाना में लाखों श्रृद्धालु श्रीराधा भक्ति में सरोवार हो नाचते-गाते नजर आते है। श्रीराधारानी के जन्मोत्सव (दिव्याभिषेक) श्रीराधारानी मन्दिर में प्रातःकाल (ब्रह्मवेला) में सेवायत गोस्वामीयों और ब्रजाचार्यपीठ के आचार्यों के करकमलों से होगा। वही जन्मोत्सव की रात्रि में बरसाना में जगह जगह रासलीला, कृष्णलीला, नृत्य, गान, श्रृद्धालुओं के लिए प्रसाद, भण्डारा आदि देखने को मिलेगे।
वही श्रीराधारानी के प्रगटोत्सव के बाद अष्टलीलाओं के अन्तर्गत जो निम्न लीला होती है। वो इस प्रकार हैं।

🔸- 21 (छठ) सितंबर को ऊंचागांव में राधारानी की प्रधान सखी ललिता जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
🔸- 22 सितंबर (सप्तमी) को लाडिली जी मंदिर में राधा जन्मोत्सव की धूम, रात्रि में जगह जगह रासलीला, नृत्य, गान, प्रसाद, भण्डारा तथा श्रद्धालुओं द्वारा चाव चढ़ाई जाएगी।
🔸- 23 सितंबर (अष्टमी) को लाडिली जी मंदिर में राधारानी के विग्रह का अभिषेक कराया जाएगा। वहीं शाम नीचे को सफेद छतरी में राधारानी के दर्शन होंगे।
🔸- 24 सितंबर (नवमी) को सुबह मोरकुटी पर मयूर लीला। शाम को श्रीराधारानी के मंदिर में ढाढ़ी ढाढ़ीन लीला का आयोजन होगा।
🔸- 25 सितंबर (दशमी) को सुबह विलासगढ़ की लीला व मान मंदिर पर मान लीला का आयोजन होगा।

🔸– 25 सितंबर (दशमी) गाजीपुर प्रेम सरोवर नौका बिहार लीला का आयोजन। मंगलवार को किसी कारण से ढोंगा गाजीपुर प्रेमसरोवर में नौका बिहार लीला होती नही है। ऐसा बताया गया है।
🔸- 26 सितंबर (एकादशी) को सुबह सांकरी खोर में चोटी बंधन लीला आयोजन होगा।
🔸- 27 सितंबर (द्वादशी) को ऊंचागांव में स्थित सखिगिरी पर्वत पर ब्याहवला लीला तथा शाम को प्रियाकुण्ड में नौका विहार लीला का आयोजन होगा।
🔸- 28 सितंबर (त्रियोदशी) को दोपहर सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला तथा शाम को विशाल दंगल का आयोजन होगा।
🔸- 29 सितंबर (चतुर्दशी) को राजस्थान के कदम्ब खण्डी में चीर हरण लीला का आयोजन होगा।
🔸- 30 सितंबर (पूर्णिमा) को मडोई, करहला व राधाबाग में महारास लीला का आयोजन होगा।
नोट- जानकारी पूर्णरूप से लेकर डाली गयी है। फिर भी तिथि के घटने या बढने से अन्तर भी आ सकता है।

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