जूनियर सिविल जज न्यायालय छाता ने पीड़िता को 26 साल बाद दिया न्याय
CHHATA/. 26 साल से न्याय के लिए आस लगाए बैठी पीड़िता को आखिरकार सिविल जज न्यायालय छाता के द्वारा न्याय दिया गया, अदालत के द्वारा पीड़िता के पति ने दूसरी शादी किए जाने को लेकर पति को 2 साल के कारावास एवं 2000 के अर्थ दंड से भी दंडित किया। मामले की पेरवी कर रहे , पीड़िता पक्ष के अधिवक्ता अजय सिंह एडवोकेट के द्वारा विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया गया कि
मायावती पुत्री राजाराम हाल निवासी चंदौरी की शादी करीब 50 वर्ष पूर्व हरियाणा प्रांत के गांव अंधौप निवासी गंगा प्रसाद के साथ हुई थी। कुछ समय बाद गंगा प्रसाद ने दूसरी शादी कर ली और अपनी पूर्व पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया , जिससे परेशान हो कर पीड़िता के द्वारा सिविल डिवीजन न्यायालय छाता में 17 अगस्त 1997 को गंगा प्रसाद एवं उसकी दूसरी पत्नी श्यामवती के खिलाफ बाद दायर करते हुए न्याय की गुहार लगाई। तमाम गवाह एवं सबूत के आधार पर विद्वान न्यायाधीश विशाल शर्मा के द्वारा 8 सितंबर 2023 को फैसला सुनाया गया,जिसमें गंगा प्रसाद को दोषी करार मानते हुए 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2000 से दंडित भी किया गया। पीड़िता के अधिवक्ता अजय सिंह चंदोरिया के द्वारा यह जानकारी दी गई एवं पीड़ित लोगों से अपील भी की गई कि मेरे द्वारा इस तरह बहन बेटियों के मामलों को निस्वार्थ बिना शुल्क लिए लड़ा जाता है। इस केस को मेरे द्वारा बिना शुल्क के लड़ा गया है मुझे बहुत खुशी है, कि आखिर कर सच की जीत हुई है और पीड़िता को लंबे समय बाद ही सही न्याय मिला।
रिपोर्ट,,,,, दिनेश जादौन छाता मथुरा।

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