जली पराली तो किसान का कर दिया शांति भंग में चालान
प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना रवैया से किसान यूनियन में भारी आक्रोश
आंदोलन की दी चेतावनी
नंदगांव। खेत में पराली जलाने की घटना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार और चौकी इंचार्ज ने जहां किसान के ऊपर पराली जलाने का जुर्माना तो ठोका ही साथ में शांति भंग करने का आरोप लगाकर चालान भी कर दिया। इस घटना से जिले भर के किसानों में भारी आक्रोश हैं। किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन पराली प्रबंधन कि नाकामी को छिपाने के लिए किसानों का उत्पीड़न कर रहा हैं, जिसे किसान यूनियन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, किसान मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
धान की फसल लें खेतों में कटने के बाद पराली जलाने की घटनाओं में अचानक काफी वृद्धि हो गई है। पराली जलाये जाने का ताजा मामला नंदगांव का है, जहां बुधवार को आशेश्वर मंदिर के निकट एक खेत में पराली जलाने की सूचना पुलिस को मिली तत्काल मौके पर नंदगांव पुलिस चौकी प्रभारी राहुल सिंह मय फोर्स के मौके पर जा पहुंचे और उन्हें खेत में पराली जलती हुई मिली। उसकी सूचना उन्होंने तहसीलदार छाता सचिन पवार को दी, वहीं पराली में आग लगने के जानकारी मिलते हीं खेत के स्वामी रमेशचंद पुत्र श्याम निवासी रंगीली गली नंदगांव, अपने खेत पर पहुंच गए। पुलिस की पूछताछ में रमेशचंद ने बताया कि उनके खेत में किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगाई है। इधर आग सूचना पर तहसीलदार सचिन पवार भी नंदगांव पहुंच गए और उन्होंने खेत स्वामी के घर जाकर न केवल उनसे पूछताछ की बल्कि उन्हें आग जलाने का दोषी मानते हुए थाने लें गये। खेत स्वामी के मुताबिक उनके खेत में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाई गई है बावजूद इसके प्रशासन ने उनके ऊपर जुर्माना लगा दिया। उन्होंने अधिकारियो के दबाव में जुर्माना भरने की बात भी स्वीकार कर ली, इतने पर भी तहसीलदार साहब का दिल नहीं पसीजा और वह उन्हें बनियान अंगोछा में ही थाने ले गए। त्यौहार के दिन, पूरे दिन थाने में बैठे रखा और शाम को शांति भंग करने का आरोप लगाकर उनका चालान कर दिया। 63 वर्षीय किसान रमेश चंद का कहना हैं की गोवर्धन पूजा का त्यौहार था वो गिरिराज पूजा की तैयारी कर रहे थे, तभी करीब पौने ग्यारह बजे तहसीलदार छाता चौकी प्रभारी नंदगांव उनके घर पर पुलिस फ़ोर्स के साथ आये और उन्हें काफ़ी बुरा भला बोला, इतना हीं नहीं उनको एक खतरनाक अपराधी की तरह बनियान और अंगोछा में जबरन थाने लें जाने लगे, उन्हें पकड़े पहनने के लिए घर के अंदर तक नहीं जाने दिया और थाने ले जाकर बैठा दिया। वहां उनके ऊपर नया मामला उनका शांति भंग का बना दिया और चालान करके छाता एसडीएम कोर्ट भेज दिया जहाँ से वो अपनी जमानत देकर रात को घर लौटे। किसान रमेश चंद ने इसे सरासर किसानों उत्पीड़न बताया। रमेश का तो यहाँ तक कहना हैं कि उनके खेत में किसी अन्य ने उन्हें फंसाने के लिए आग लगाई हैं, आग लगाने वालो को पुलिस ने खुद भागते हुए देखा हैं, बावजूद इसके उनके ऊपर जुर्माना लगाया हैं, और चालान भी काट दिया। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में न्यायलय की शरण लेंगे और मनमानी कार्यवाही करने वाले अधिकारियो के खिलाफ उचित कार्यवाही कराएँगे।किसान के साथ हुए दुर्व्यवहार से किसान यूनियन में भारी आक्रोश
नंदगांव। किसान रमेश चंद को पराली जलाने के आरोप में तहसीलदार और पुलिस द्वारा घर से उठाकर ले जाने के मामले की जैसे ही किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय प्रवक्ता सहित अन्य नेताओं को भनक लगी तो उन्होंने तत्काल फोन से संगठन के अधिकारियों को अवगत कराया और उन्होंने रमेश चंद के घर जाकर पूरे मामले की जानकारी ली। इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरेश ठेनुआ ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश है कि 2 एकड़ से कम खेत वाले किसान की पराली को प्रशासन स्वयं अपने संसाधनों से खेत में ही नष्ट कराये। मगर मथुरा जिले में प्रशासन ने एक भी किसान की पराली का कोई समुचित प्रबंध नहीं किया है।अब अपनी इस नाकामी को छुपाने के लिए वह किसानों का शोषण कर रहे हैं। हरेश ठेनुआ ने चेतावनी देते हुए ने कहा किसान का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। किसान इस समय अपनी अगली फसल की तैयारी में जुटा हुआ है लेकिन अगर उनका उत्पीड़न और उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की गई तो मजबूर होकर किसान आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसके लिए सीधे तौर पर जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।
“”””””””””””””””””””””बॉक्स
दिनभर सोशल मीडिया पर छाया रहा नंदगांव में पराली जलाए जाने का मामला
नंदगांव में आशेश्वर महादेव मंदिर के समीप खेत में पराली जलाए जाने की घटना दिन भर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही। सोशल मीडिया पर तमाम लोगों ने इसे प्रशासन की ही नाकामी बताया। लोगों का कहना है कि एक दूसरे के प्रति अपनी रंजिश निकालने के लिए कुछ लोग चोरी छुपे खेतों में आग लगा जाते हैं और इसका दंश किसान को झेलना पड़ रहा है, इसलिए प्रशासन को सोच समझकर और पूरी तरह पड़ताल करने के बाद ही कार्रवाई करनी चाहिए। जिस तरह से नंदगांव पुलिस चौकी प्रभारी और छाता तहसीलदार,किसान को बनियान अंगोछा में घर से एक खूंखार अपराधी की तरह पकड़ कर ले गए, इसकी निंदा करते हुए कहा कि तमाम अवैध गतिविधि नंदगांव पुलिस चौकी क्षेत्र में चल रही है इस और तो पुलिस चौकी प्रभारी राहुल सिंह का कोई ध्यान नहीं है और एक सीधे-साधे वृद्ध किसान को इस तरह से पकड़ कर ले जाना बेहद शर्मनाक कृत्य हैं। नंदगांव के युवाओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि क्षेत्र में खुलेआम अवैध मिट्टी खनन और राजस्थान से ओवरलोडिंग भानु का अवैध संचालन खुलेआम हो रहा है पुलिस चौकी के सामने से ही सैकड़ो ट्रक और डंफर पर रोजाना निकाल कर जाते हैं लेकिन चौकी प्रभारी द्वारा आज तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती हैं, और किसान के खिलाफ मामूली सी घटना पर पुलिस त्वरित एक्शन लेती हैं। तहसीलदार और चौकी प्रभारी द्वारा किस रमेश चंद के घर पर जिस तरह का व्यवहार किया है उसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें दोनों अधिकारी किशन और उसके परिजनों को हड़काते हुए साफ दिख रहे हैं जबकि रमेश चंद उनके सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा है।

हाथ जोड़ता किसान
![]()

More Stories
Book of Bet Casino Mobile Experience: Quick Sessions and Instant Decisions
Die besten umsatzfreien Aktionen im Royal Planet Casino
De quelle manière Big Lucky Casino se différencie de la concurrence